पंजाब के औद्योगिक केंद्र लुधियाना की सड़कें इन दिनों आम नागरिकों के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और मरम्मत के नाम पर छोड़े गए अधूरे निर्माण कार्य यातायात के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के धंसने के बाद खोदे गए गड्ढों को न भरने और वहां से बैरिकेड्स न हटाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मरम्मत के नाम पर लापरवाही
शहर के मुख्य चौराहों और व्यस्त सड़कों पर पिछले कई हफ्तों से निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी ठेकेदारों और संबंधित विभागों ने वहां से सुरक्षा घेरा (बैरिकेड्स) नहीं हटाया है। इसके अलावा, गड्ढों को भरने के लिए डाली गई रेत और बजरी सड़क पर बिखरी पड़ी है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। newskatta की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने कई बार नगर निगम से शिकायत की है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यातायात पर बुरा असर
इन गड्ढों और बेतरतीब तरीके से रखे गए बैरिकेड्स के कारण पीक ऑवर्स के दौरान लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है। वाहन चालकों को संकरी गलियों से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ ईंधन की भी खपत बढ़ रही है।
newskatta संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि मानसून के बाद सड़कों की मरम्मत का काम प्राथमिकता पर है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
मुख्य समस्याएं और प्रभाव
- सड़कों पर अनियंत्रित रेत और बजरी के कारण दोपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ना।
- अधूरे निर्माण कार्यों के कारण रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका।
- शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्तों पर भारी जाम।
- नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय की कमी।
प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द से जल्द इन खतरनाक स्थलों को चिन्हित कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करे ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। यदि समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा गया, तो आने वाले दिनों में बड़ी दुर्घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।





